गंभीर-क्यूरेटर विवाद : मैथ्यू हेडन के ‘पाखंड’ पर बरसे वेंगसरकर, यूं दिखाया आईना

नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टेस्ट से पहले भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर और पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच हुई गरमागरमी का मामला शांत होता नहीं दिख रहा। मैच खत्म हो गया। भारत ने मैच जीत लिया। सीरीज 2-2 से बराबर हो गई। फिर भी वह विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। 1983 वर्ल्ड कप के हीरो दिलीप वेंगसरकर को ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज मैथ्यू हेडन का गौतम गंभीर को ‘ज्ञान’ देना रास नहीं आया है। उन्होंने भारतीय कोच का बचाव करते हुए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के ‘पाखंड’ पर हमला बोलते हुए आईना दिखाया है।
क्या कहा था हेडन ने?
सबसे पहले तो यह जानते हैं कि आखिर मैथ्यू हेडन ने गंभीर-फोर्टिस विवाद पर कहा क्या था, जिस पर वेंगसरकर ने बहुत ही तीखी प्रतिक्रिया दी है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर ने ओवल टेस्ट से पहले भारतीय कोच और पिच क्यूरेटर के बीच हुई गरमागरमी पर कहा था कि यह तो इंग्लैंड में आम बात है। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर को अच्छी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए था।
वेंगसरकर को रास नहीं आया हेडन का ‘पाखंड’
हेडन का गौतम गंभीर को नसीहत देना और गरमागरमी का सारा दोष भारतीय कोच पर डालना दिलीप वेंगसरकर को बिल्कुल भी रास नहीं आया। उन्होंने मुंबई मिरर से कहा, ‘भारतीय टीम के मुख्य कोच के तौर पर गंभीर को पिच को नजदीक से देखने का पूरा अधिकार था। जब टीमें भारत के दौरे पर आती हैं तो सिर्फ कप्तान और कोच नहीं, उनका स्क्वाड पिच का बारीकी से निरीक्षण करता है। यहां तक कि उनका मीडिया भी मैच से पहले पिच का निरीक्षण करता है। उनसे कोई कुछ भी नहीं बोलता। तो जब हम इंग्लैंड खेलने जाते हैं तो नियम कैसे अलग हैं?’
वेंगसरकर ने पूछा, ‘क्या हेडन या ऑस्ट्रेलिया का कोई क्रिकेटर तब भी इसे इसी तरह लेता जब क्यूरेटर उनसे एक महत्वपूर्ण मैच से पहले पिच से दूर रहने के लिए कहता? अगर यह ऑस्ट्रेलियाइयों के साथ होता तो वे तो क्यूरेटर को उसकी जगह बताने के लिए पता नहीं किन-किन शब्दों का इस्तेमाल किए होते।’
गंभीर-फोर्टिस में क्यों हुई थी गरमागरमी?
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट से पहले केनिंगटन ओवल के पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस और भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर के बीच काफी तीखी बहस हुई थी। उसका वीडियो वायरल भी हुआ था। भारत 1-2 से सीरीज में पिछड़ा हुआ था लिहाजा आखिरी टेस्ट निर्णायक था।
जब मैच से एक दिन पहले गौतम गंभीर पिच देखने के लिए पहुंचे तब फोर्टिस ने उन्हें दूर खड़े होने को कहा था। उससे एक दिन पहले ही इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकलम सादे कपड़ों में पिच का निरीक्षण किया था और तब क्यूरेटर ने उनसे कुछ नहीं कहा था। फोर्टिस की हिदायत गंभीर को नागवार गुजरी और उन्होंने साफ-साफ कहा कि ग्राउंडस्टाफ हो तो वैसे ही रहो। हमें मत बताओ कि क्या ठीक है, क्या नहीं। क्या करना है, क्या नहीं। गरमागरमी इतनी बढ़ गई थी कि भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ के सदस्यों को बीच-बचाव करना पड़ा था।



