मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

रायपुर . दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय थे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, आयुक्त समग्र शिक्षा श्रीमती किरण कौशल तथा कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह भी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं अतिथियों ने विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को पुस्तकों एवं गणवेश का वितरण किया तथा कक्षा नवमी की पात्र छात्राओं को सायकल प्रदान की। कक्षा पहली के नवप्रवेशी विद्यार्थियों में भूपेन्द्र सिंह पहाड़ी, पार्थ यादव, वीर चंद्राकर, विवान ठाकुर, यश मारकंडे, डाली सिन्हा, दिव्यांशी, लावन्या साहू, लिशिका चंद्राकर एवं मानवी सेन शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से समाज और प्रदेश का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है और राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और जीवन में सफलता का सबसे सशक्त आधार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्मार्ट क्लास, समय पर पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज जैसी अनेक अभिनव पहले संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री से ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं तथा 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं। दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीट क्षमता वाले छात्रावास की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है तथा बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में भी शिक्षा के नए केन्द्र विकसित किए जा रहे हैं। जगरगुंडा में एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है, जिससे वहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का महत्व सदैव सर्वाेच्च रहा है और राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से पढ़ाई के साथ संस्कार, कौशल और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए गए हैं और आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का होगा। आने वाले समय में प्रदेश के 9 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास प्रारंभ किए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए दिल्ली में 200 सीटर ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित किया जा रहा है, जहां इस साल 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए अनेक नवाचार कर रही है। शिक्षा गुणवत्ता अभियान के बेहतर परिणाम सामने आए हैं और बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी उल्लेखनीय रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में सभी विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था विकसित की जा रही है। प्राथमिक स्तर पर हिन्दी, मध्य स्तर पर अंग्रेजी तथा गणितीय दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बालिकाओं के लिए 8 हजार से अधिक शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है।
दुर्ग जिले को मिली शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना की चार बड़ी सौगातें-
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना को मजबूत करने संबंधी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने शिक्षा विभाग के जेडी, डीईओ एवं बीईओ कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कॉम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण, दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास की स्थापना की घोषणा की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्राविण्य छात्रवृत्ति परीक्षा वर्ष 2025-26 में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इनमें कु. पायल रजनी (पीएमश्री विद्यालय, कुम्हारी) को राज्य में प्रथम स्थान, नैतिक आमटे (पीएमश्री विद्यालय, कुम्हारी) को सातवां स्थान तथा कु. श्रद्धा इंदौरिया (सेजेस, जंजगिरी) को राज्य में दसवां स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



