योग आयोग अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने योग को विश्व पटल पर स्थापित किया और आज पूरा विश्व भारत की इस प्राचीन पद्धति को अपनाकर आरोग्य प्राप्त कर रहा है। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजित गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और संगठनात्मक दायित्वों का लंबा अनुभव योग आयोग के साथ-साथ प्रदेश की जनता को भी लाभान्वित करेगा। वर्ष 2017 में स्थापित योग आयोग का अब तक का सफर शानदार रहा है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के वाहक भी हैं। योग एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से ही योग के रूप में यह चेतना पूरे विश्व में फैली और संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग पूरे विश्व में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ शरीर और मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा ने कहा कि योग सबके लिए है और सबको जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए मैंने हमेशा लोगों को जोड़ने का काम किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सबको जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में कई महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें से सबसे अच्छी संपदा मानव संसाधन है। मुख्यमंत्री ने मुझे मानव संसाधन को स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी सौंपी है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारा उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना है। हमारे प्रधानमंत्री नियमित रूप से योग करते हैं। आज पूरी दुनिया उनकी ऊर्जा और कार्यकुशलता से परिचित है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूज्य संत, योगाचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।