मुख्यमंत्री साय ने की राज्य योजना आयोग के कार्यों की समीक्षा

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त संसाधन हैं और इसके प्रभावी उपयोग के लिए कुशल मानव संसाधन भी है। राज्य योजना आयोग इनके उपयोग के माध्यम से प्रदेश में संतुलित विकास के लिए प्रभावी योजनाएं तैयार कर रहा है। एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) प्रोग्रेस के माध्यम से जिलों में विकास के लिए निर्धारित लक्ष्यों की सतत समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रभावी योजनाओं को लागू कर छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाएंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ वन संपदा और खनिज से भरपूर राज्य है। खनिज संसाधनों के माध्यम से रोजगार के अधिकतम अवसर पैदा करना है। सरगुजा और बस्तर जैसे क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष प्रयास करने हैं। वनोपज में वैल्यू एडीशन किए जाने से संग्राहकों की आय बढ़ती है। इसके साथ ही मत्स्यपालन जैसे क्षेत्रों की गतिविधियों को प्रोत्साहित कर किसानों की आय बढ़ाने पर काम करना होगा।
छत्तीसगढ़ के अनेक जिलों का देश में बेहतर प्रदर्शन
18 जिले फ्रंट रनर श्रेणी में : एसडीजी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रेस रिपोर्ट 2022 छत्तीसगढ़ में फ्रंट रनर श्रेणी में 18 जिले हैं। इनमें धमतरी, बालोद, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, कांकेर, रायगढ़, महासमुंद, गरियाबंद, बेमेतरा, सरगुजा, कोरिया, मुंगेली कबीरधाम, कोरबा, सूरजपुर एवं बलौदाबाजार शामिल हैं। बाकी परफार्मर श्रेणी में रखे गए हैं।
वर्ष 2021 में 10 जिले थे फ्रंट रनर : वर्ष 2021 में राज्य के धमतरी, राजनांदगांव, बालोद, महासमुंद, दुर्ग, बिलासपुर, गरियाबंद, रायपुर, बेमेतरा व सरगुजा जिले फ्रंट रनर थे।
धमतरी फिर टाप पर : धमतरी जिला प्रथम रैंक पाने में सफल हुआ। 77 अंक प्राप्त हुए। वर्ष 2021 मे धमतरी 72 अंक पाकर प्रथम रैंक हासिल कर चुका है।
विभागों की प्रगति की नियमित होनी चाहिए समीक्षाः चौधरी
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राज्य योजना आयोग द्वारा शोध एवं अध्ययन कार्य तथा नवाचार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आयोग द्वारा तैयार की गई प्रोग्रेस रिपोर्ट इस संबंध में वर्षवार लक्ष्य आधारित एवं जिला आधारित विश्लेषण करती है।
चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई गारंटी का इन लक्ष्यों से प्रत्यक्ष संबंध है। उन्होंने प्रधानमंत्री की वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में राज्य का रोडमैप तैयार करने की बात कही। चौधरी ने राज्य के राजस्व को बढ़ाने के उपाय, केन्द्रीय योजनाओं में राशि प्राप्ति, वित्त पोषण की संभावना हेतु विचार मंथन पर बल दिया। एसडीजी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कृत करने का सुझाव भी दिया।