छत्तीसगढ़ तीर्थ दर्शन योजना: वरिष्ठ नागरिकों और कम आय वाले परिवारों को मिलेगा तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी “तीर्थ दर्शन योजना” का आज विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में इस योजना का शुभारंभ करते हुए पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन (तीर्थ दर्शन योजना 2025) को हरी झंडी दिखाई। इस योजना के तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और कम आय वाले परिवारों को प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर मिलेगा।
राज्य के गरीब और वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों (तीर्थ दर्शन योजना 2025) तक पहुंच प्रदान करना है। सभी वर्गों के लोगों को धार्मिक यात्रा का लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ के बाहर के तीर्थ स्थलों के दर्शन करने से राज्य के लोगों को नई जगहों पर जाने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन (तीर्थ दर्शन योजना 2025) पर आयोजित कार्यक्रम में यात्रियों से बातचीत की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। ट्रेन में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए खाने-पीने की व्यवस्था, यात्रा बीमा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। योजना के तहत यात्रा का अधिकांश खर्च सरकार उठाएगी, ताकि गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
इच्छुक लाभार्थियों को ऑनलाइन या जिला प्रशासन के माध्यम से आवेदन करना होगा (तीर्थ दर्शन योजना 2025)। आयु सीमा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को प्राथमिकता दी जाएगी। आर्थिक पृष्ठभूमि में कम आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, यह योजना (तीर्थ दर्शन योजना 2025) हमारी सरकार की लोक कल्याणकारी नीतियों का हिस्सा है। हम चाहते हैं कि राज्य के हर नागरिक को देश के पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर मिले, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। साथ ही उन्होंने कहा कि हम एक और मोदी गारंटी को पूरा कर रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव के दौरान जनता से वादा किया था, उस समय मोदी की गारंटी में यह भी शामिल था, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार पूरा कर रही है।