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शर्तों के साथ सत्ता में शामिल होगी बसपा, बिहार में गठबंधन पर मायावती ने दिया अपडेट

भभुआ. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन पर बड़ा अपडेट दिया है। मायावती ने गुरुवार को भभुआ में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि गरीबों के हक के लिए चुनाव लड़कर बसपा सत्ता में आना चाहती है। विधायकों की संख्या अच्छी रहने पर शर्तों के आधार पर पार्टी सत्ता में शामिल होकर अपने लोगों का विकास करेगी। बता दें कि मायावती की बसपा बिहार चुनाव में अकेले मैदान में उतरी है।

भभुआ के हवाई अड्डा मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कांग्रेस को दलित विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 2024 में विदेश में आरक्षण खत्म करने का ऐलान किया था। राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर भ्रमण करते हैं। लेकिन, उनकी पार्टी की सरकार बाबा साहब को भारत रत्न का सम्मान नहीं दे सकी।

हमलावर मूड में मायावती ने भाजपा को भी आरक्षण विरोधी बताया और कहा कि भाजपा की सरकार में संसद में आरक्षण देने का प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन, इसपर काम नहीं हुआ। देश में गरीबों को आरक्षण का संवैधानिक अधिकार मिला है। इसे लागू कराने के लिए बसपा गरीबों के पक्ष में खड़ी रहेगी। पूंजवादी पार्टियां सत्ता में आने पर गरीबों को भूल जाती हैं। दलित विरोधी पार्टियों को सत्ता में आने से रोकना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि किसी सरकार ने मेहनतकश लोगों का विकास नहीं किया है। बिहारी पलायन कर रहे हैं। जहां वह काम करते हैं, वहां भी उनका शोषण होता है। गरीब, दलित एवं आदिवासियों को बाबा साहब के संविधान में दिए गए आरक्षण का केंद्र सरकार द्वारा लाभ नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार में अकेले चुनाव लड़ रही है। दलित व शोषित वर्ग का ज्यादा वोट दूसरी पार्टी को मिल जा रहा है, जिससे हमारे उम्मीदवार हार जा रहे हैं। इस बार के चुनाव में वोट को बिखरने नहीं देना है। सभी एकजुट होकर भभुआ से विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल, चैनपुर से धीरज सिंह, मोहनियां से ओमप्रकाश दीवाना, रामगढ़ से सतीश सिंह और चेनारी विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी सरिता देवी को जिताने की आमजनों से अपील की।

बसपा प्रमुख ने कहा कि जातिवादी सरकारें आरक्षण को हटाने का काम कर रही हैं। क्रीमिलेयर को आरक्षण नहीं दे रही हैं। आजादी के बाद केंद्र में कांग्रेस, भाजपा व अन्य दलों की केंद्र में सरकार रही हैं। वह लोग पूंजीवादी सोंच के कारण पिछड़े लोगों का सामाजिक व आर्थिक विकास नहीं किया है। यूपी में चार बार सरकार बनाकर विरोधियों के षडयंत्र को पूरा नहीं होने दिया। यूपी में फिर बसपा की सरकार बनने पर आरक्षण लागू किया जाएगा।

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में बसपा ने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा समेत अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर गठबंधन में चुनाव लड़ा था। बसपा ने 80 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। हालांकि, सिर्फ कैमूर जिले की चैनपुर सीट पर मायावती की पार्टी जीत दर्ज कर पाई थी। चैनपुर से बसपा के विधायक बने जमा खान बाद में जेडीयू में शामिल हो गए थे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें मंत्री बनाया।

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