बिहार चुनाव में जीत के बाद भाजपा का मिशन ‘सफाई अभियान’ शुरू, आरके सिंह को पार्टी से निकाला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की बड़ी जीत के अगले दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आरा से सांसद और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रह चुके आरके सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। यह कार्रवाई ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के कारण की गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की जीत के अगले दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को पार्टी से निकाल दिया है। आरके सिंह जो आरा से भाजपा के सांसद हैं और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रह चुके हैं, उन्हें 6 साल के लिए भाजपा से बाहर किया गया है। यह कार्रवाई उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप के चलते की गई है।
बिहार चुनाव परिणाम के बाद शुरू हुआ भाजपा का ‘सफाई अभियान’
बताया जा रहा है कि आरके सिंह बीते लंबे समय से पार्टी में सक्रिय नहीं थे। हालांकि, चुनाव के दौरान आरके सिंह द्वारा अपनी ही पार्टी और गठबंधन के नेताओं को घेरने पर भाजपा ने चुप्पी साधे रखी थी और उनपर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। जैसे ही इलेक्शन खत्म हुए और रिजल्ट आए, पार्टी ने उन्हें बाहर कर दिया।
दागदार नेताओं को टिकट देने पर उठाया था सवाल
आरके सिंह की पार्टी विरोधी गतिविधियां बिहार चुनाव के दौरान प्रमुखता से सामने आई थीं। उन्होंने चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं पर कई सवाल उठाए थे। आरके सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपील की थी कि तारापुर से सम्राट चौधरी को वोट न दिया जाए।
इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के इस फैसले पर भी सवाल उठाए थे कि अनंत सिंह और विभा देवी समेत कई दागदार नेताओं को टिकट क्यों दिया गया है। आरके सिंह की नाराजगी शाहबाद क्षेत्र में उनकी अनुपस्थिति से भी जाहिर हुई, जहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा की चुनावी रैलियों में नजर नहीं आए थे।



