भारत

PM मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो मामले में बड़ा एक्शन, 6 इंस्टाग्राम अकाउंट और Meta India हेड पर FIR

सोशल मीडिया पर देश के प्रधानमंत्री की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वायरल करने वालों पर पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस बहुत ही गंभीर मामले में एक बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। पुलिस ने IT एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत छह इंस्टाग्राम अकाउंट के साथ ही मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास पर FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई उन लोगों को कड़ा संदेश है जो देश के बड़े नेताओं की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करते हैं। यह पूरा विवाद नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक सामग्री और आपत्तिजनक वीडियो से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

कुछ शरारती तत्वों ने कॉकरोज जनता पार्टी के नाम से पीएम मोदी को निशाना बनाकर मॉर्फ्ड और अपमानजनक कंटेंट पोस्ट किया था। इस मामले में पुलिस ने पहले ही दो अलग-अलग केस दर्ज किए थे लेकिन अब पहली बार मेटा इंडिया के प्रमुख को इसमें सह-आरोपी बनाया गया है। पुलिस का यह एक्शन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ा कदम माना जा रहा है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस अब इस पूरे मामले की बहुत ही बारीकी और गहराई से जांच करने की तैयारी कर रही है। पुलिस मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल करेगी कि इन AI जनरेटेड वीडियो और तस्वीरों की शुरुआत आखिर कहां से हुई थी। इसके साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि इन भ्रामक वीडियो को सोशल मीडिया पर किस तरह से बढ़ावा दिया गया और वायरल किया गया।

पुलिस मेटा से यह भी सवाल कर रही है कि क्या कंपनी के पास इन्हें रोकने का कोई तकनीकी उपाय मौजूद नहीं था। FIR दर्ज होने से कुछ दिन पहले हैदराबाद पुलिस ने मेटा के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए आधिकारिक समन भी भेजा था। पुलिस ने मेटा से यह पूरी तरह स्पष्ट करने को कहा था कि उनके पास AI वीडियो और फर्जी विज्ञापनों को रोकने की क्या तकनीक है। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह जांच अभी अपने शुरुआती चरण में है और कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन कंपनी के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने से सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट पर लगाम लगने की पूरी उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन आपत्तिजनक वीडियो को लेकर तेलंगाना में भाजपा की सोशल मीडिया कोर कमेटी ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

कमेटी में शामिल टी. साईकिरण गौड़ और एस. अरविंद रेड्डी ने पुलिस में इस पूरे मामले की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पीएम मोदी समेत अन्य नेताओं के कई मॉर्फ्ड वीडियो शेयर किए गए हैं। यह वीडियो जनता को गुमराह करते हैं और देश की संप्रभुता तथा अखंडता को भी बहुत बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। दरअसल यह FIR ऐसे वक्त में हुई है जब हाल ही में पीएम मोदी से जुड़ा एक अन्य सोशल मीडिया विवाद भी सामने आया था। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी की तरफ से शेयर किया गया एक वीडियो फेसबुक पर अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को तलब किया, जिसके बाद मेटा ने पीएम मोदी के वीडियो को वापस फेसबुक पर लिया था। अब इस नए मामले में मेटा की मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ती हुई साफ नजर आ रही हैं।

Show More

Related Articles

Back to top button