भारत के बाद अब लंदन भी छोड़ रहे किंग ऑफ स्टील लक्ष्मी मित्तल, यहां बनाएंगे अपना नया ठिकाना

भारतीय अरबपतियों (Indian Billionaires) का वैश्विक कारोबार अमेरिका से लेकर लंदन तक फैला हुआ है, और दुनिया में उनका दबदबा कायम है। इन्हीं में से एक हैं भारतीय मूल के स्टील टाइकून अरबपति लक्ष्मी एन मित्तल (Lakshmi N Mittal)। जो अब तक ब्रिटेन में रह कर अपना कारोबार संचालित कर रहे थे और वहाँ के सबसे अमीरों की सूची में शामिल थे, उन्होंने अब ब्रिटेन (UK) छोड़ने का फैसला कर लिया है। इस बड़े निर्णय के पीछे की मुख्य वजह देश में लागू होने वाले सुपर-रिच टैक्स (Britain Super Rich Tax) की आशंका को बताया जा रहा है।
ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर इंसान
राजस्थान में जन्मे लक्ष्मी निवास मित्तल के यूके छोड़ने की यह तैयारी ब्रिटिश लेबर पार्टी की लीडरशिप वाली सरकार द्वारा सुपर-रिच लोगों के लिए जिस टैक्स बदलाव की आशंका जताई जा रही थी, उसके करीब आने का संकेत है। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से पीटीआई ने बताया है कि 75 साल के अरबपति इंडस्ट्रियलिस्ट मित्तल, चांसलर रेचल रीव्स के बजट से ठीक पहले UK छोड़ने वाले नए अरबपति बन गए हैं।
‘संडे टाइम्स रिच लिस्ट’ 2025 पर यदि नज़र डालें, तो आर्सेलर मित्तल स्टीलवर्क्स के फाउंडर लक्ष्मी निवास मित्तल के पास अनुमानित संपत्ति 15.4 अरब पाउंड (करीब 1.90 लाख करोड़ रुपये) है। नेटवर्थ का यह आंकड़ा उन्हें ब्रिटेन का आठवां सबसे अमीर इंसान बनाता है।
टैक्स का बढ़ता बोझ और पलायन की वजह
लक्ष्मी मित्तल के ब्रिटेन छोड़कर जाने की खबर ऐसे समय में आई है जब देश में अमीर लोगों पर टैक्स बढ़ने की उम्मीद है। चांसलर रीव्स UK के फाइनेंस में 20 अरब पाउंड के गैप को भरने के प्रयास में हैं। पिछले साल लेबर की आम चुनाव जीत के बाद पेश किए गए उनके पहले बजट में कई सख्त कदम शामिल थे:–
1. कैपिटल गेन टैक्स में बढ़ोतरी।
2. अपने उद्यम (venture) बेचने वाले एंटरप्रेन्योर्स के लिए टैक्स रिलीफ में कमी।
3. फैमिली कंपनियों को अगली पीढ़ियों को सौंपने के तरीके पर नए टैक्स।
इसके अतिरिक्त, चांसलर के दूसरे बजट में और अधिक लेवी (टैक्स) लगने की अफवाहों ने वहाँ रह रहे अरबपतियों और सबसे अमीर लोगों में खलबली मचा दी है। इन अफवाहों में UK छोड़ने वालों पर संभावित 20% एग्जिट टैक्स (Exit Tax) भी शामिल है।
इनहेरिटेंस टैक्स है असली समस्या
रिपोर्ट के अनुसार, रईसों के सामने सबसे बड़ी परेशानी इनहेरिटेंस टैक्स (उत्तराधिकार टैक्स) में बदलाव की खबरों ने खड़ी की है। संडे टाइम्स के मुताबिक, एक एडवाइजर ने दावा किया कि लक्ष्मी मित्तल के ब्रिटेन छोड़ने की तैयारी के पीछे सिर्फ इनकम टैक्स या कैपिटल गेन टैक्स की समस्या नहीं है, बल्कि असली वजह इनहेरिटेंस टैक्स है। उनका मानना है कि इन परिस्थितियों में लोगों को लगता है कि उनके पास देश छोड़ने के अलावा कोई और चारा नहीं है। वर्तमान में ब्रिटेन में डेथ ड्यूटी (Death Duty) 40 फीसदी है। इसके विपरीत, दुबई और स्विट्जरलैंड जैसे स्थानों पर कोई इनहेरिटेंस टैक्स लागू नहीं है।
दुबई होगा नया ठिकाना
स्टील टाइकून लक्ष्मी एन मित्तल का संभावित नया ठिकाना अब दुबई हो सकता है। संडे टाइम्स का दावा है कि अरबपति लक्ष्मी मित्तल के पास पहले से ही दुबई में एक शानदार हवेली मौजूद है। इसके अलावा, उन्होंने यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में पास नाया आइलैंड (Naya Island) पर एक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में बड़े हिस्से खरीदे हैं। लंदन में, बिलियनेयर्स-रो कहे जाने वाले केंसिंग्टन पैलेस गार्डन्स में उनकी संपत्तियां देश के सबसे महंगे घरों में शामिल हैं।
आपको याद होगा कि लक्ष्मी मित्तल 1995 में लंदन चले गए थे और जल्द ही ब्रिटेन के सबसे प्रमुख भारतीय व्यवसायियों में से एक बन गए। वैश्विक स्तर पर, लक्ष्मी मित्तल को ‘King Of Steel’ के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने अपनी संपत्ति आर्सेलर मित्तल (ArcelorMittal) के माध्यम से बनाई, जो विश्व की दूसरी सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी है। इस कंपनी में लक्ष्मी मित्तल और उनके परिवार के पास लगभग 40% की हिस्सेदारी है। बता दें, 2021 में लक्ष्मी मित्तल ने सीईओ की भूमिका अपने बेटे आदित्य मित्तल को सौंप दी थी, लेकिन वे कार्यकारी अध्यक्ष (Executive Chairman) के रूप में काम करना जारी रखे हुए हैं।

