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अचानक रद्द हुई अफगान विदेश मंत्री की भारत यात्रा, जानें क्या है इसके पीछे का पाकिस्तान कनेक्शन

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की इस महीने की भारत यात्रा रद्द कर दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने मुत्तकी को यात्रा प्रतिबंध से छूट देने की अनुमति नहीं दी। अगर वह भारत आते, तो यह 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद किसी अफगानी मंत्री की पहली भारत यात्रा होती।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1988 में स्थापित 15 सदस्यीय प्रतिबंध समिति तालिबान नेताओं पर लागू यात्रा प्रतिबंध, उनके संपत्ति जाम और हथियारों की खरीद पर रोक के पालन की निगरानी करती है। फिलहाल पाकिस्तान इस समिति का अध्यक्ष है। यदि समिति का कोई भी सदस्य विरोध करता है, तो प्रतिबंधों में छूट देने से मना किया जा सकता है। तालिबानी नेताओं को विदेश यात्रा करने के लिए समिति की मंजूरी लेना अनिवार्य है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने जानबूझकर मुत्तकी को यह छूट नहीं दी।

रणधीर जायसवाल ने कही ये बात

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मुत्तकी की यात्रा पर सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि, 5 सितंबर को विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में उन्होंने बताया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध हैं। भारत अफगान जनता की जरूरतों और आकांक्षाओं का समर्थन करता रहेगा। अफगान अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क जारी है, और अगर इस मामले में कोई अपडेट आता है, तो वह मीडिया के साथ साझा किया जाएगा।

भारत ने नहीं दी है अभी तक मान्यता

भारत ने तालिबान को अब तक आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है। भारत हमेशा अफगानिस्तान में एक समावेशी और सभी पक्षों को शामिल करने वाली सरकार के गठन का समर्थन करता रहा है। इसके अलावा, भारत इस बात पर भी जोर देता है कि अफगानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए।

तालिबान ने अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा भी की थी। भारत पिछले कई वर्षों से तालिबान नेतृत्व के साथ संवाद बनाए हुए है। यह संवाद ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो जाता है जब चीन अफगानिस्तान में अपनी प्रभावशीलता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। भारत भी अपने क्षेत्रीय हितों की सुरक्षा के लिए तालिबान से संपर्क में है।

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