सच्चा भारतीय कहेगा कि हमारे 20 सैनिक मारे गए, SC में जज से राहुल गांधी के वकील की बहस

नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना हमारे सैनिकों को मार रही है। राहुल गांधी के इस बयान पर मानहानि का मुकदमा दायर हुआ था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। अब इस केस में तीन सप्ताह बाद सुनवाई होगी। भले ही बेंच ने राहुल गांधी को राहत दी है, लेकिन उनके बयान को लेकर नसीहत भी दी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की अदालत ने कहा कि राहुल गांधी को यदि कोई सवाल पूछना ही था तो संसद में अपनी बात रखनी चाहिए। ऐसी चीजें सोशल मीडिया पर क्यों पोस्ट करनी है। इसके अलावा सेना को लेकर विवादित टिप्पणी पर कहा कि कोई सच्चा भारतीय ऐसी बात नहीं करेगा।
यही नहीं बेंच की इस टिप्पणी पर राहुल गांधी की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘संभव है कि सच्चा भारतीय यह भी कहेगा कि 20 भारतीय सैनिकों को पीटा गया और उनकी मौत हो गई। यह चिंता की बात है।’ दरअसल बेंच में शामिल जस्टिस दीपांकर दत्ता ने नसीहत देते हुए कहा था, ‘आपने सोशल मीडिया पर ही बात क्यों रखी। संसद में क्यों नहीं कहा। आपको कैसे जानकारी मिली कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जा ली है। इसके लिए क्या विश्वसनीय स्रोत था? क्या सच्चा भारतीय ऐसी बात नहीं करेगा। जब सीमा पर संघर्ष चल रहा हो तो आप ऐसी बात कैसे कर सकते हैं। आपने संसद में सवाल क्यों नहीं पूछा।’
इसके अलावा अदालत ने अभिव्यक्ति की आजादी वाले सवाल पर भी बात की। बेंच ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 19(1) अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन उसका अर्थ यह तो नहीं है कि आप कुछ भी बोलेंगे। दरअसल 9 दिसंबर, 2022 को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प की खबर आई थी। इसी को लेकर 16 दिसंबर को राहुल गांधी का बयान आया था। इसमें उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इसी बात पर सीमा सड़क संगठन के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने वकील विवेक तिवारी के माध्यम से मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उनका कहना था कि राहुल गांधी का बयान भारत की सेना को अपमानित करने वाला है।
हाई कोर्ट ने भी खारिज कर दी थी राहुल गांधी की अर्जी
इस केस में अडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा ने 24 मार्च को हुई सुनवाई में राहुल गांधी को पेश होने को कहा था। उस आदेश को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया था। उच्च न्यायालय में भी उनकी अर्जी खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। राहुल गांधी को उच्चतम न्यायालय से राहत तो मिल गई, लेकिन नसीहत भी दी गई है।



