
उत्तर प्रदेश के आगरा में मानवता की मिसाल पेश करने वाली एक घटना सामने आई है। जहां सैकड़ों लोग किनारे पर खड़े होकर मौत का तमाशा देख रहे थे, वहीं आगरा के 26 साल के लड़के ने उफनती यमुना में छलांग लगाकर एक महिला को डूबने से बचा लिया।
आगरा का रहने वाला 26 साल का सोनू सोमवार सुबह अपने 6-7 दोस्तों के साथ कार से क्रिकेट खेलने फिरोजाबाद जा रहा था। जैसे ही उसकी कार सोफीपुर यमुना पुल के पास पहुंची, उन्होंने देखा कि नदी के बीचों-बीच एक महिला डूब रही है। महिला का हाथ पानी के ऊपर हिलता देख सोनू और उसके साथियों ने तुरंत अपनी गाड़ी किनारे लगाई और उसे बचाने की योजना बनाने लगे।
300 लोग बने थे तमाशबीन, फिर सोनू ने नदी में लगाई छलांग
सोनू के दोस्त विजय सिंह ने बताया कि मौके पर करीब 150 से 200 लोग खड़े थे, लेकिन कोई भी महिला को बचाने के लिए पानी में उतरने का साहस नहीं जुटा पा रहा था। सोनू को तैरना आता था, इसलिए उसने बिना समय गंवाए अपने कपड़े उतारे और उफनती नदी में छलांग लगा दी। महिला उस समय नदी के बिल्कुल बीच में थी और उसकी सांसें उखड़ रही थीं। सोनू तैरकर उसके पास पहुंचा और बड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर सुरक्षित किनारे तक खींच लाया।
5 बार लगाया ‘डायल-112’ को फोन, नहीं हुआ संपर्क
महिला को बाहर निकालने के बाद सोनू और उसके दोस्तों ने तुरंत मदद के लिए पुलिस को फोन करना चाहा। विजय ने बताया कि उन्होंने पुलिस सहायता के लिए ‘डायल-112’ पर 5 बार कॉल किया, लेकिन एक बार भी संपर्क नहीं हो सका। अंततः उन्होंने बसई मोहम्मदपुर थाने को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला को गंभीर हालत में एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया। सोनू और उसके दोस्त भी महिला का हाल जानने के लिए अपनी कार से पीछे-पीछे अस्पताल पहुंचे।
पारिवारिक कलह बनी आत्मघाती कदम की वजह
बसई मोहम्मदपुर थाने के इंस्पेक्टर कृष्ण स्वरूप पाल के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि महिला ने घर में अपनी बहू से हुई कहासुनी के बाद तनाव में आकर यमुना में छलांग लगा दी थी। फिलहाल महिला बेहोश है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। होश आने के बाद ही उसकी शिनाख्त और आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। पुलिस अधिकारियों ने सोनू और उसके दोस्तों के साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस निस्वार्थ प्रयास से ही महिला की जान बचाई जा सकी है।



