लगातार दूसरे माह भी बिजली सस्ती, अगस्त के बिल में लगेंगे 4 से 6 पैसे प्रति यूनिट कम

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बिजली की खपत का ग्राफ लगातार उमस के कारण बढ़ा है, लेकिन इसके बाद भी लगातार दूसरे माह बिजली की कीमत कम हाे गई है। केंद्र सरकार का बिजली के लिए तय किया गया नया फार्मूला अब उपभोक्ताओं के लिए लगातार दूसरे माह भी राहत लेकर आया है। जुलाई की बिजली 11 से 17 पैसे प्रति यूनिट सस्ती होने के बाद अब एक बार फिर से अगस्त की बिजली 4 से 6 पैसे प्रति यूनिट और सस्ती हो गई है। अगस्त के माह में ऊर्जा प्रभार जुलाई के 11.23 प्रतिशत के स्थान पर 10.31 प्रतिशत लगेगा। यानी करीब एक प्रतिशत बिजली की कीमत कम हो जाएगी। अगस्त के माह में रिकॉर्ड खपत होने के बाद भी बिजली की कीमत का कम होना राहत भरा है।
प्रदेश में अब तक बिजली उपभोक्ताओं से वीसीए के रूप में बिजली की कीमत बढ़ने से अंतर की राशि वसूली जाती थी, लेकिन इसको केंद्र सरकार ने नए सत्र अप्रैल से बंद कर दिया है। इसके स्थान पर केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पाॅवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है। एफपीपीएएस में पहले माह 5.3 प्रतिशत शुल्क लगा था, लेकिन दूसरे माह में शुल्क डबल हो गया और दस फीसदी ऊर्जा प्रभार पर शुल्क लगा। तीसरे माह 14.23 फीसदी शुल्क लगा। चौथे माह जुलाई में शुल्क में कमी आई और यह 11.23 फीसदी हो गया। अब एक बार फिर से इसमें अगस्त माह में कमी आई है। अक्टूबर में सितंबर का जो बिल आएगा उसमें अगस्त माह की खपत पर ऊर्जा प्रभार पर 10.31 प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लगेगा।
कितनी खपत पर कितनी राहत
नए फार्मूले में पहले सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 370 रुपए है, तो इस पर 10.31 फीसदी के हिसाब से 38 रुपए लगेंगे यानी 38 पैसे प्रति यूनिट, यह पिछले माह प्रति यूनिट पर 42 पैसे था। प्रति यूनिट पर चार पैसे कम लगेंगे। दो सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 760 रुपए होता है। इस पर 78 रुपए लगेंगे। प्रति यूनिट पर यह 39 पैसे होगा जबकि पिछले माह यह 43 पैसे था। यानी इसमें भी चार पैसे प्रति यूनिट कम लगेंगे। तीन सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1290 रुपए है। इस पर 133 रुपए लगेंगे। इस पर 44 पैसे प्रति यूनिट पर देने पड़ेंगे। पिछली बार 49 पैसे लग रहे थे। यानी पांच पैसे कम देने होंगे। चार सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1820 रुपए है, इस पर 187 रुपए लगेंगे। यानी 46 पैसे प्रति यूनिट, पहले 52 पैसे लगे रहे थे। यानी प्रति यूनिट पर 6 पैसे बचेंगे। चार सौ यूनिट की खपत में बिजली हॉफ योजना के कारण आधा पैसा लगेगा।