रायपुर में भाजपा का कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ने पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन

रायपुर: दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के सामने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के विरोध में शुक्रवार को रायपुर में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव समेत कई मंत्रियों, विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
भाजपा कार्यकर्ता शंकर नगर से रैली निकालकर राजीव भवन की ओर बढ़ रहे थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक रखा था, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं की समझाइश पर कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक प्रदर्शन कर आंदोलन समाप्त किया।
प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री राजेश अग्रवाल, श्याम बिहारी जायसवाल, गुरु खुशवंत साहेब, टंकराम वर्मा, लक्ष्मी रजवाड़े, वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, अनुज शर्मा और जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में इसी को लेकर आक्रोश है और भाजपा इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद में चर्चा से बच रही है और देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
वहीं, मंत्री राजेश अग्रवाल और वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत ने भी कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की कार्यशैली का विरोध आगे भी जारी रहेगा।



