मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

नवजात को मिला नया जीवन, रोहित और काजल के घर लौटी मुस्कान
गंभीर हालत में भर्ती नवजात को जिला अस्पताल एसएनसीयू में मिला सतर्क और समयबद्ध उपचार, अब स्वस्थ होकर मां का दूध पी रहा है
रायपुर, कुछ दिन पहले तक रायपुर निवासी रोहित और काजल की आंखों में अपने नवजात बच्चे को लेकर चिंता और डर था। सांस लेने में तकलीफ और पीलिया से जूझ रहे उनके मासूम की हालत गंभीर थी। माता-पिता अपने बच्चे के स्वस्थ को लेकर बेहद चिंतित थे, लेकिन जिला अस्पताल कालीबाड़ी की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में मिले विशेषज्ञ उपचार और समर्पित स्वास्थय सेवाओं की बदौलत उनका बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और मां का दूध भी पी रहा है।
पेशे से वाहन चालक बच्चे के पिता श्री रोहित राजपूत ने बताया कि जन्म के बाद उनके नवजात को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल (एमसीएच) कालीबाड़ी स्थित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) के चिकित्सकों की टीम ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल भर्ती कर उसका समुचित उपचार प्रारंभ किया।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर मरीज को जिला अस्पताल (एमसीएच) कालीबाड़ी में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बी. के. सिन्हा ने बताया कि जांच में पाया गया कि बच्चा एन्सेफैलोपैथी और सांस लेने में तकलीफ से ग्रसित था। बच्चे के एस. बिलिरुबिन स्तर से कोलेस्टैटिक पीलिया की संभावना सामने आई, जिसके बाद आवश्यक जांचें कर प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार प्रारंभ किया गया। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की निरंतर निगरानी, अस्पताल में मौजूद सुविधाओं एवं समर्पित प्रयासों से बच्चे की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा।
भर्ती के 11वें दिन नवजात ने मां का दूध लेना शुरू कर दिया, जो उसके स्वास्थ्य में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत था। उपचार के सकारात्मक परिणामों के बाद 21 जुलाई को बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में सफलतापूर्वक डिस्चार्ज कर दिया गया।
आज रोहित और काजल अपने स्वस्थ बच्चे को गोद में लेकर बेहद खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला अस्पताल कालीबाड़ी की एसएनसीयू टीम, चिकित्सकों एवं स्वास्थयकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क उपचार ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया है।



