मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अब तक के सम्पूर्ण राजनैतिक सफर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की माटी से उठकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक पहुंचने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का व्यक्तित्व आज जनसेवा, सादगी और दृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अब तक के सम्पूर्ण राजनैतिक सफर का हासिल सिर्फ पद ही नहीं बल्कि प्रदेश की जनता का विश्वास का है।
सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने वाले विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे आदिवासी मुख्यमंत्री हैं जिनके नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई प्राथमिकता मिली और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचने लगी। मुख्यमंत्री साय की कार्यशैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है क्योंकि वे सरल हैं मगर लेकिन निर्णय लेने में बिल्कुल स्पष्ट और सख्त हैं। उन्होंने प्रशासन में “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है उनके शासन में लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं।यहाँ तक कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि खराब काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को सुबह 7 बजे से पहले फील्ड में पहुँच कर और जनता के बीच रहने का जो निर्देश दिया है वह उनकी सक्रिय कार्यशैली को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री साय ने सुशासन को नारों से निकाल कर व्यवहार में उतारा है। “सुशासन तिहार 2026” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री साय का जोर हमेशा से कागजी कामकाज से ज्यादा धरातल पर परिणाम देने पर रहा है। अधिकारियों को गांव, स्कूल और अस्पतालों में नियमित निरीक्षण करने के सख़्त निर्देश दिए गए हैं।

साय सरकार के कार्यकाल में कई ऐसे मिसाल देखने को मिले हैं जहां लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की गई है। उदाहरण के तौर पर बेमेतरा में सामूहिक विवाह के कुप्रबंधन और दुर्ग में अधिकारियों के दुर्व्यवहार पर 24 घंटे के भीतर निर्णय लेकर उन्होंने यह संदेश दिया कि प्रशासन में अनुशासन सर्वोपरि है।वैसे ही धान खरीदी पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर तरह की अनियमितता के लिए सीधे कलेक्टर ज़िम्मेदार होंगे। इसके अलावा सीमावर्ती जिलों में अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने प्रशासन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया है। धान खरीदी केंद्रों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के उपयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई। छत्तीसगढ़ साय सरकार की यह पहल दिखाती है कि वे पारंपरिक व्यवस्था के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी उपयोग कर रही है।
प्राथमिकता के केंद्र में रखी गई “स्वास्थ्य और शिक्षा”
साय सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सख्त और स्पष्ट दृष्टिकोण अपनाया है। बिलासपुर में आयुष्मान कार्ड की धीमी प्रगति पर सीएमएचओ को उनका फटकार लगाना और सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों के लिए पीपीपी मॉडल पर विचार करना जैसे उनके काम उनकी गंभीरता को दर्शाते हैं। स्पष्ट है कि उनका उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना ही नहीं है बल्कि उन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना भी है।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से जूझने वाले छत्तीसगढ़ ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राहत की साँस ली है। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्णायक बदलाव देखने को मिला है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के अपने लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर लिया है। पिछले 13 महीनों में 300 से अधिक नक्सलियों का मारा जाना, 1177 माओवादियों की गिरफ्तारी और 985 से अधिक का आत्मसमर्पण करना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है। केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहते हुए मुख्यमंत्री का यह भी मानना है कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान विकास में है। इसलिए बस्तर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति भी उनकी संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाती है।

महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पूरी दृढ़ता से बनाया जा रहा है सशक्त
मुख्यमंत्री साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के सख़्त निर्देश दिए हैं। पीएम आवास योजना में महिला समूहों को काम देने की पहल भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे अभियान उनके संवेदनशील, सख़्त और दूरदर्शी नेतृत्व का उदाहरण हैं। “एक पेड़ माँ के नाम” जैसा अभियान आज पर्यावरण संरक्षण के साथ ही साथ प्रकृति के साथ जन-जन के भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक बन गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ एक नई दिशा पा रहा है। मुख्यमंत्री की सादगी, दृढ़ता और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें जनता के दिलों में विशेष स्थान दिलाने का काम किया है। छत्तीसगढ़ की साय सरकार अन्य राज्यों के लिए कि एक ऐसा मॉडल और मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं जिसमें सुशासन, पारदर्शिता और विकास तीनों का संतुलन है।
आज छत्तीसगढ़ जिस तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है उस परिवर्तन के केंद्र में एक ऐसा नेता है जो जमीन से जुड़ा है, जनता के लिए समर्पित है और सख्त निर्णय लेने में माहिर, वह नाम है विष्णुदेव साय।



