नकली शराब बनाने का बड़ा खुलासा: ग्रामीणों ने सप्लाई करने पहुंचे दो युवकों को रंगे हाथ दबोचा

बलौदा बाजार। जिले के पलारी विकासखंड के ग्राम संडी में अवैध रूप से नकली शराब बनाने और उसकी बिक्री किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सतर्कता से इस पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में संदिग्ध शराब, रंगीन द्रव्य, खाली बोतलें और ढक्कन बरामद किए हैं। मामले में शासकीय शराब दुकान से जुड़े एक सुपरवाइजर की संलिप्तता भी सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात ग्राम संडी में ग्रामीणों ने दो युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए देखा। पूछताछ के दौरान उनके पास से शराब बरामद हुई, जिसे ग्रामीणों ने नकली होने की आशंका जताई। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल आबकारी विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने पर पहुंची आबकारी टीम ने दोनों युवकों की निशानदेही पर गांव के एक मकान में छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई।

तलाशी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में शराब, जरीकेन में भरा रंगीन द्रव्य, खाली शराब की बोतलें, ढक्कन और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यहां लंबे समय से नकली शराब तैयार कर बाजार में खपाई जा रही थी।
जांच के दौरान एक आरोपी के फरार होने की चर्चा
ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, आबकारी विभाग को सौंपे गए दो आरोपियों में से एक युवक जांच कार्रवाई के दौरान फरार हो गया। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर खड़ी एक आर्टिका कार में नकली होलोग्राम और नकदी भी रखी हुई थी। आरोप है कि फरार हुआ युवक उक्त सामग्री लेकर भाग निकला। हालांकि आबकारी विभाग ने आधिकारिक तौर पर आरोपी के फरार होने की पुष्टि नहीं की है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दोनों युवकों को पकड़कर विभाग के हवाले किया था, ऐसे में कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के गायब हो जाने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल होने की चर्चा है।
शराब दुकान के सुपरवाइजर का नाम आने से बढ़ी गंभीरता
मामले की जांच के दौरान ग्राम संडी स्थित शासकीय शराब दुकान में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत एक कर्मचारी का नाम सामने आया। आबकारी विभाग ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। विभाग अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। साथ ही संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस खुलासे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि सरकारी शराब दुकानों में नियुक्त कर्मचारियों का सत्यापन और निगरानी किस स्तर पर की जाती है। यदि किसी कर्मचारी की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता साबित होती है तो यह पूरी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
360 लीटर मसाला पाव समेत बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त
जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल ने बताया कि ग्राम संडी में की गई कार्रवाई के दौरान करीब 360 लीटर मसाला पाव, 15 लीटर रंगीन पदार्थ, बड़ी संख्या में खाली शराब की शीशियां और ढक्कन बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री के आधार पर अवैध रूप से शराब तैयार किए जाने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि मामले में संबंधित सुपरवाइजर समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बरामद सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
जब उनसे एक आरोपी के फरार होने संबंधी सवाल पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। हालांकि वायरल वीडियो और ग्रामीणों के दावों का उल्लेख किए जाने पर उन्होंने कहा कि यदि कोई आरोपी फरार हुआ है तो उसे भी जल्द पकड़ लिया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पहले भी मिल चुका है नकली शराब का सामान
गौरतलब है कि बलौदा बाजार-भाटापारा जिले में इससे पहले भी नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और अवैध शराब की खेप बरामद होने के मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके, कई मामलों में ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगते रहे हैं। यही वजह है कि अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले बुलंद बने हुए हैं।
अब ग्राम संडी में हुए इस बड़े खुलासे के बाद लोगों की नजर आबकारी विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। देखना होगा कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभाग इस पूरे नेटवर्क तक पहुंच पाता है या नहीं और दोषियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है।



