खेल जगत

पत्थर तोड़ने से WWE हॉल ऑफ फेम तक, ऐसा रहा ‘द ग्रेट खली’ का संघर्ष और सफलता का सफर

नई दिल्ली। दुनिया भर में ‘द ग्रेट खली’ के नाम से मशहूर दिलीप सिंह राणा आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकलकर अमेरिका के बड़े रेसलिंग एरीना तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल है।

बेहद साधारण परिवार में हुआ जन्म

दलीप सिंह राणा का जन्म 27 अगस्त 1972 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के धीरैना गांव में हुआ था। उनका बचपन बेहद आर्थिक तंगी में गुजरा। उनके पिता ज्वाला राम और मां टांडी देवी थीं। छह भाई-बहनों के परिवार में संसाधनों की कमी के बावजूद दलीप ने अपनी मेहनत और हौसले से अलग पहचान बनाने का सपना देखा।

कम उम्र में ही उनकी कद-काठी सामान्य लोगों से काफी अलग थी। उनके शरीर के असामान्य विकास के पीछे एक्रोमेगाली नाम की हार्मोनल स्थिति को भी बताया जाता है।

परिवार का पेट पालने के लिए तोड़े पत्थर

गरीबी के कारण दलीप सिंह को कम उम्र में पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार की आर्थिक मदद के लिए उन्होंने मजदूरी की और सड़क किनारे पत्थर तोड़ने का काम भी किया।

मुश्किल हालात, आर्थिक तंगी और अपने विशाल शरीर को लेकर लोगों की टिप्पणियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। यही संघर्ष आगे चलकर उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत बना।

पंजाब पुलिस से शुरू हुआ नया सफर

दलीप सिंह राणा की शारीरिक क्षमता को देखते हुए उन्हें पंजाब पुलिस में नौकरी मिली। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने बॉडीबिल्डिंग की ओर कदम बढ़ाया। उनकी मेहनत और मजबूत कद-काठी ने उन्हें धीरे-धीरे प्रोफेशनल रेसलिंग की दुनिया तक पहुंचा दिया।

अमेरिका में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने साल 2006 में WWE में ‘द ग्रेट खली’ के नाम से कदम रखा। उनकी विशाल कद-काठी और रिंग में दमदार अंदाज ने उन्हें जल्द ही दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया।

WWE में रचा इतिहास

WWE में खली ने कई बड़े रेसलर्स के साथ मुकाबले किए और अपनी अलग पहचान बनाई। साल 2007 में उन्होंने वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा। वह WWE में यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले भारत में जन्मे पहले रेसलर बने।

साल 2021 में WWE हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने के बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय विरासत को और मजबूती मिली।

शादी और परिवार

द ग्रेट खली ने 20 फरवरी 2002 को हरमिंदर कौर से शादी की। दोनों की अरेंज्ड मैरिज हुई थी। उनकी एक बेटी अल्वीन राणा है। खली के संघर्षपूर्ण करियर के दौरान उनका परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा।

रिंग के बाहर भी अलग पहचान

रिंग में अपने खतरनाक अंदाज के लिए मशहूर खली निजी जिंदगी में अनुशासित जीवन जीने के लिए भी जाने जाते हैं। वह शाकाहारी हैं और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बताते हैं। वह शराब और तंबाकू से दूरी रखने की बात भी कह चुके हैं।

उन्हें खाना बनाने का भी शौक है और वह अपने परिवार के साथ समय बिताने के अलावा अपनी रेसलिंग एकेडमी के युवाओं को प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान देते हैं।

द ग्रेट खली की कहानी इस बात की मिसाल है कि कठिन परिस्थितियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर इंसान अपनी पहचान दुनिया भर में बना सकता है।

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